साजिश.कॉमजिस ऐप पर आप अपने मन की शांति के लिए भरोसा करते हैं, क्या हो अगर वही आपके दिमाग़ पर क़ब्ज़ा करने का हथियार बन जाए?
मुंबई के सबसे कामयाब टेक सीईओ में से एक, अक्षय पाठक, अपनी ही कंपनी 'मानस टेक' की पच्चीसवीं मंज़िल से कूदकर जान दे देता है। 'मानस टेक' - एक ऐसी कंपनी जो लोगों को मेडिटेशन और वेलनेस के ज़रिए सुकून बेचने का दावा करती है।
पुलिस इसे 'कॉर्पोरेट दबाव में की गई आत्महत्या' मानकर केस बंद कर देती है। मीडिया में इसे एक और जीनियस की दुखद कहानी बताकर भुला दिया जाता है।
लेकिन अक्षय की पत्नी, प्रिया, यह मानने को तैयार नहीं है। वह जानती है कि उसका पति एक योद्धा था, कोई कायर नहीं। सच जानने की अपनी हताश खोज में, वह मदद के लिए एक ऐसे बाहरी व्यक्ति के पास जाती है जो कोई पुलिसवाला नहीं है।<