कोलकाता के प्रतिष्ठित नवजीवन मेमोरियल हॉस्पिटल में, वार्ड नंबर 7 एक ऐसा रहस्य है जिसके बारे में कोई बात नहीं करना चाहता। कहते हैं, यहाँ की दीवारें मरीज़ों की आखिरी सिसकियाँ आज भी दोहराती हैं। जब एक तूफानी रात को, इसी वार्ड में एक अमीर मरीज़ की रहस्यमयी मौत हो जाती है और उसके साथ ही गायब हो जाती है करोड़ों की चमत्कारी दवा, तो यह सिर्फ़ एक हादसा नहीं लगता।
यह एक साज़िश की शुरुआत है। एक ऐसा जानलेवा खेल, जहाँ ज़िंदगी देने वाले हाथ ही मौत का नुस्खा लिख रहे हैं।
जब शहर के सबसे तेज़ जासूस, संदीप और पराग, इस मामले की तह में उतरते हैं, तो वे एक ऐसे मकड़जाल में फँस जाते हैं जहाँ हर चेहरा एक नकाब है और हर हमदर्दी एक धोखा। उनकी जांच उन्हें अ&