"रिश्तों की परतें" केवल कहानियों का संग्रह नहीं, जीवन की उन सच्चाइयों का दस्तावेज़ है जिन्हें हम अक्सर अनुभव तो करते हैं, पर व्यक्त नहीं कर पाते। यह संग्रह नारी, पुरुष, माँ, पिता, भाई और बुजुर्ग — हर उस संबंध को छूता है जो हमारे अस्तित्व की नींव हैं। पर ये रिश्ते यहाँ केवल सामाजिक भूमिका तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनकी गूढ़ भावनात्मक परतों को उद्घाटित किया गया है।
इन कहानियों में जीवन की सहज घटनाओं के माध्यम से उन जटिल भावनाओं को उकेरा गया है, जो त्याग, अकेलापन, ममत्व, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता के रंगों से बनी हैं। लेखक किसी नारे या उपदेश के माध्यम से समाधान नहीं देता, बल्कि पाठक को उसके भीतर की संवेदना से जोड़ता है — वह संवेदना, जो भीड़ में अक्सर खो जाती है।