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“हथकड़ी से सिंदूर तक"

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"हथकड़ी से सिंदूर तक" एक ऐसी यात्रा है, जो एक अपराध के आरोप से शुरू होती है, लेकिन अंततः एक स्त्री के पुनर्जन्म और प्रेम की विजय के साथ समाप्त होती है।यह सिर्फ कहानी नहीं — एक प्रेरणा है।

कुछ कहानियाँ अदालत की चारदीवारी में जन्म नहीं लेतीं, लेकिन वहीं आकार पाती हैं। यह ऐसी ही एक कहानी है—एक स्त्री की, जिसे प्यार में मिले धोखे ने कटघरे तक पहुँचा दिया, और एक पुरुष की, जो उसकी ढाल बन गया। "हथकड़ी से सिंदूर तक" सिर्फ एक कानूनी लड़ाई नहीं, एक आत्मा की पुनर्खोज और प्रेम की पुनर्परिभाषा है।अगर आपने कभी किसी के साथ अपना सब कुछ साझा किया हो… और फिर सब कुछ खोया हो, तो यह कहानी आपकी है।
अगर आपने कभी खुद को समाज के कठघरे में खड़ा पाया हो, तो यह पुस्तक आपका आईना बन सकती है।
और अगर आप यह मानते हैं

30 pages, Kindle Edition

Published June 28, 2025

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Ashok Bhatnagar

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