क्या एक तस्वीर इतनी गहरी हो सकती है कि वह खून से रंग जाए?
मैं, संदीप सुरेश, आपको एक ऐसे रहस्य से रूबरू करा रहा हूँ जहाँ कला और अपराध एक ही कैनवास पर मिल जाते हैं। मुंबई की सबसे प्रतिष्ठित आर्ट गैलरी में एक नृशंस हत्या हुई है, और यह सिर्फ़ एक लाश नहीं - यह खुद एक 'खूनी तस्वीर' है, जिसमें हर रंग के पीछे एक अनकहा राज़ दफन है। इस उपन्यास में, आप मेरे साथ एक ऐसी दुनिया में उतरेंगे जहाँ सुंदरता के पीछे भयानक सच्चाई छिपी है, और मानवीय जुनून कला की सीमाओं को तोड़ देता है।
यह सिर्फ़ एक अपराध कथा नहीं, यह है:
गहरा मनोवैज्ञानिक थ्रिल: मेरे दृष्टिकोण से अपराधियों के मन की गहराइयों को समझें और जानें कि बदला कितना क्रूर हो सकता है।