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Vimal #36
जमीर का कैदी
जगमोहन विमल का बिछुड़ा दोस्त था जिसने कि विमल से नहीं बल्कि उसके जमीर से - जिसका कि विमल कैदी था - मदद की गुहार लगाई थी और साथ ही अंदेशा भी जाहिर किया था कि ‘खाक हो जाएंगे तुझे खबर होने तक’ । तो क्या जमीर का कैदी अपनी कैद से आजाद हो पाया ! क्या विमल ‘खाक’ हो जाने से पहले जगमोहन की मदद को पहुंच पाया ?
346 pages, Kindle Edition
First published December 1, 2005
About the author
Surender Mohan Pathak
335 books398 followersSurender Mohan Pathak, is an author of Hindi-language crime fiction with 314 books to his credit. His major characters are Crime reporter Sunil (unprecedented 123 Titles), Vimal (46 Titles) and Philosopher Detective Sudhir (23 titles). Apart from series, he has written 60+ Novels in thriller category.
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Community Reviews
Displaying 1 - 1 of 1 review
January 31, 2023
5/5 stars
जगमोहन वाली कहानी और प्लानिंग बेहद कंफ्यूज करने वाली थी. इरफ़ान ने तो SI लोहकवे की हवा टाइट करदी, मुग़धा की स्टीमर में बहादुरी फिर स्टीमर का हश्र तो शानदार बन पड़े हैं.
देखा जाएं तो उपन्यास में जगमोहन ही हावी रहा है. विमल की शहज़ाद से 4th फ्लोर लिफ्ट वाली मुलाक़ात पढ़कर दिल खुश हो गया, अभी कहानी पूरी नहीं हुई है इसका अगला भाग भी है. मुझे बेहद पसंद आयी 🤟🏽🤟🏽🤟🏽
जगमोहन वाली कहानी और प्लानिंग बेहद कंफ्यूज करने वाली थी. इरफ़ान ने तो SI लोहकवे की हवा टाइट करदी, मुग़धा की स्टीमर में बहादुरी फिर स्टीमर का हश्र तो शानदार बन पड़े हैं.
देखा जाएं तो उपन्यास में जगमोहन ही हावी रहा है. विमल की शहज़ाद से 4th फ्लोर लिफ्ट वाली मुलाक़ात पढ़कर दिल खुश हो गया, अभी कहानी पूरी नहीं हुई है इसका अगला भाग भी है. मुझे बेहद पसंद आयी 🤟🏽🤟🏽🤟🏽
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