हिंदी साहित्य की प्रतिष्ठित 'हंस ' पत्रिका ने सन 2004 में दलित साहित्य पर विशेषांक प्रकाशित किया था. विशेषांक अत्यधिक रूप से चर्चित और लोकप्रिय रहा। क्योंकि आज तक इस विशेषांक और उसमें प्रकाशित सामग्री की मांग बनी हुई है , हम इसे आपकी सुविधा के लिए पुस्तक रूप ( दो खंड ) में लाये हैं. स्वयं राजेंद्र यादव के सम्पादन के तहत , इस विशेषांक को जाने-माने दलित लेखक श्योराज सिंह बेचैन ने संकलित किया है. यह दो खंड , एकमात्र ऐसी पुस्तकें हैं जिनमें दलित साहित्य के हर प्रतिष्ठित लेखक का योगदान है।