तालिबान, जिसे किसी समय पर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के मदरसों से निकले लड़ाकों का अस्त-व्यस्त समूह माना जाता था, उसने अगस्त 2021 में तूफानी हमले के बाद अफगानिस्तान की सत्ता पर फिर से कब्जा जमाकर दुनिया को हैरान कर दिया। वर्ष 2001 में कुचले जाने के बाद भी इसने दुनिया की सबसे कुशल सेना को हराया।
यह पुस्तक बताती है कि तालिबान की उत्पत्ति कैसे हुई और यह कैसे आगे बढ़ा तथा इसकी वापसी इतने शक्तिशाली संगठन के रूप में कैसे हुई कि अरबों डॉलर खर्च करने और लगभग दो दशक लंबा सैन्य अभियान चलाने के बावजूद, सबसे शक्तिशाली सेनाओं वाले दुनिया के देशों को तालिबान के साथ सौदा करना पड़ा और शर्मनाक वापसी करनी पड़ी।
यह पुस्तक पाकिस्तान और उसकी खुफिया एजेंसी आई.एस.आई. की ओर से निभाई गई भूमिका के बारे में भी बê