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डर -

समकालीन युवा कथाकारों में विमल चन्द्र पाण्डेय का नाम महत्त्वपूर्ण है। डर विमल चन्द्र पाण्डेय की कहानियों का पहला संग्रह है। इस संग्रह की कहानियों में विन्यस्त समय और समाज हमारे मौजूदा यथार्थ का मात्र प्रतिबिम्ब नहीं है, बल्कि इक्कीसवीं सदी के उस दारुण और नृशंस वर्तमान का दस्तावेज़ भी है जिसका छद्म-महिमामण्डन राजनैतिक, साम्प्रदायिक, आर्थिक और सामाजिक कूटनीतिज्ञों द्वारा अक्सर उपस्थित किया जाता है। ऐसे अनेक स्थलों और स्थितियों पर कथाकार की पारदर्शी नज़र स्पष्टतः केन्द्रित है। इसलिए विमल चन्द्र पाण्डेय डर और उसके कारण को भी पहचान पाते हैं और 'वह जो नहीं' के अवान्तर उस रिक्ति को भी, जिसे संक्रमणकाल ने सरस सम्बन्धों के दरम्यान पैबस्त कर दिया है। यह समय मूल्यों के क्&

183 pages, Kindle Edition

Published August 27, 2025

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Vimal Chandra Pandey

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