उपन्यास- जब तूफ़ान थमा
एक तूफ़ानी रात, एक सुनसान सड़क, और दो अजनबी... तकदीर कभी-कभी सबसे खूबसूरत कहानियों की शुरुआत सबसे खतरनाक मौसम में लिखती है।
अमन, एक सफल आईटी प्रोफेशनल, अपनी ही बनाई दुनिया में अकेला था। शहर के शोर से दूर, उसका फार्महाउस सुकून देने के बजाय उसकी तन्हाई का गवाह था। एक ऐसी ही शनिवार की रात, जब मूसलाधार बारिश और काम की थकान उस पर हावी थी, उसकी गाड़ी एक अनजान साये को बचाने के चक्कर में सड़क किनारे खाई में जा धंसती है।
वह साया नैना का था। एक बेहद खूबसूरत औरत, जो बारिश में भीगी हुई, सहमी हुई, सड़क के बीचों-बीच खड़ी थी। वह अपने पति के दिए धोखे से टूटकर, अपनी ज़िंदगी से भाग रही थी।
जब तूफ़ान उन दोनों को बाहरी दुनिया से काट देता है और वे अमन के फार्महाउस में एक साथ फँस जाते है