प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने अपने लक्ष्यों की नीतियों को प्राथमिकता देते हुए विश्व के साथ अधिक-से-अधिक संयोजकता (कनेक्टिविटी) की रणनीति का विस्तार किया है। प्राथमिकताएँ तय करते समय स्वहित पर विचार करते हुए निकटतम पड़ोसियों के साथ बढ़ता संचार, सहायता तथा साझेदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया है। भारत ने मुख्य रूप से विभिन्न कारणों से दक्षिणी समुद्री क्षेत्र की रक्षा पर जोर दिया है। उनके तीनों कार्यकालों के दौरान 'इंडो पैसिफिक' जैसी अवधारणाएँ, 'क्वाड' जैसे वैश्विक मंच और 'इंटरनेशनल सोलर अलायंस. जैसी कई रणनीतिक पहलें शुरू की गईं। अफ्रीका और दक्षिण अमरीकी देशों में भी अधिक-से-अधिक राजनीतिक और अन्य हित-संबंध भी बढ़ रहे हैं।