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पच्चीस साल बाद

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उपन्यास - पच्चीस साल बाद हर शहर में एक ऐसी हवेली होती है जिसके दरवाज़े हमेशा बंद रहते हैं, और जिसके पीछे की कहानियाँ अफवाहों में ज़िंदा रहती हैं। शांतिपुर की सिंह हवेली एक ऐसी ही जगह है—एक सोने का पिंजरा, जहाँ पिछले पच्चीस सालों से एक खूबसूरत रानी, माधवी सिंह, ने खुद को दुनिया से क़ैद कर रखा है।

लोग उसे भूतनी कहते हैं, कोई पागल, तो कोई बदसूरत। लेकिन सच क्या है, यह कोई नहीं जानता।

कहानी तब एक अप्रत्याशित मोड़ लेती है जब रॉकी, एक 24 साल का बेफिक्र डिलीवरी बॉय, एक 'भूतिया' डिलीवरी पर उस हवेली की दहलीज पर पहुँचता है। जो एक टूटे हुए ताले को ठीक करने की छोटी सी मदद से शुरू होता है, वह जल्द ही एक टूटी हुई आत्मा को ठीक करने का एक खतरनाक और जुनूनी खेल बन जाता है।

यह उपन्यास उस वर्जित केमिस्ट्री की कì

111 pages, Kindle Edition

Published September 10, 2025

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