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वासना की चिंगारी भाग 3: आजादी की कीमत (Vaasna Ki Chingari)

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प्रेम, विश्वासघात और निषिद्ध इच्छाओं की तपती हुई यात्रा

ममता और नंदिनी—दो सहेलियाँ, जिनका गुप्त बंधन समाज की नज़रों से परे एक ऐसा संसार रचता है, जहाँ वासना और स्वतंत्रता एक-दूसरे से टकराते हैं। लेकिन जब धीरज का भविष्य एक अनहोनी की गिरफ्त में आता है, उनकी दुनिया अचानक बिखरने लगती है।

प्रियजन को बचाने की जद्दोजहद उन्हें एक आलीशान विला तक खींच लाती है—जहाँ चमचमाते झूमर, संगमरमर की दीवारें, स्विमिंग पूल की गहराई और मखमली पर्दों के पीछे छिपे हैं सत्ता और कामुकता के काले रहस्य। इस भूलभुलैया में हर मुलाक़ात एक सौदा है, हर मुस्कान के पीछे एक खतरा, और हर कदम आज़ादी की क़ीमत माँगता है।

क्या ममता और नंदिनी इस खेल में अपने प्रियजन को बचा पाएँगी? क्या उनकी दोस्ती इस खतरनाक जाल में ज

45 pages, Kindle Edition

Published September 14, 2025

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Dhruv Kumar

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