वज़ीर एक कहानी - प्यार के खोने की. दोस्तियों के बिखरने की, घर से जुदाई की, इंसानियत के बुझते चिराग़ की और फिर उसी राख में सिमट कर फिर से जन्म लेने की। तुम एक कविता थी सिर्फ किसी को खो देने का क़िस्सा नहीं. बल्कि एक दास्तान है उस प्यार की जो सरहदें नहीं जानता. जो डुबोती भी है और समेट भी लेती है, जो दीवानगी की हद तक ले जाती है मगर उसी में इबादत का रास्ता भी दिखाती है। अहसन वज़ीर की पहली किताब एक अदबी कारनामा है एक ऐसा सफ़रनामा जो मोहब्बत. दोस्ती. घर. जुदाई और खुद को दोबारा पा लेने जैसे ख़यालों से सवाल भी करता है. और जवाब भी ढूंढता है। ये एक कहानी है. कविता के रूप में।
इस किताब को पढ़ना एक बहुत ही भावनात्मक सफर था। लेखक ने जिस तरह अपनी कविताओं और कहानियों को एक साथ पिरोया है, वो दिल को छू जाता है। हर एक कविता अपने आप में एक एहसास है, और कहानी उनसे गहराई से जुड़ी हुई लगती है।
मुझे सबसे ज़्यादा अच्छा लगा कि किताब के बीच-बीच में उनकी कविताएँ ऐसे आईं जैसे कोई पुरानी याद अचानक लौट आई हो। हर शब्द में सच्चाई और दर्द झलकता है।
हालाँकि, किताब का अंत थोड़ा अधूरा सा लगा — शायद इसलिए क्योंकि मैं एक ख़ुशअंत की उम्मीद कर रही थी, लेकिन कहानी एक उदास मोड़ पर ख़त्म होती है। फिर भी, यही उसकी ख़ासियत है — कि वो दिल में उतर जाती है और देर तक वहीं रह जाती है।
कुल मिलाकर, "Tum Ek Kavita Thi" एक बेहद खूबसूरत और सच्ची किताब है, जो आपको सोचने और महसूस करने पर मजबूर करती है। रेटिंग: ⭐⭐⭐⭐☆ (4/5)
felt something we all have gone through regardless of the gender . Sometimes you don't need to be a boy to loose friends because of adult life or fall in love with someone who don't love you back. you just have to be a human . I loved this book a sweet memoir . I wish we never get our mogu back in our lives .
just one thing it doesn't feel like that it's his first book the kavita and shero shayari part in this is not that much but whenever it comes the story gets more beautiful and beautiful ❤️.