Jump to ratings and reviews
Rate this book

तार्किक ज्योतिष अनुभवों की रोशनी में (भाग 2)

Rate this book
ज्योतिष का अध्यन करते हुए मुझे पंद्रह-सोलह वर्ष से अधिक वर्षों का समय हो गया है ज्योतिष के शुरुआती सालों में जब मैं ज्योतिष की किताबों को पढ़ता था, तो मुझे लगता था कि जो भी युतियाँ बन रही हैं या जो भी योग बन रहे हैं और उनके कारण जो भी घटनाएं घट रही हैं उनका कारण क्या है?

मैं हमेशा चाहता था कि कोई ऐसी किताब हो जिसमें किसी भी घटना को कारण सहित बताया जाए, "तार्किक ज्योतिष" को लिखते समय मैंने इस बात का ध्यान रखा है कि हर हिंदी समझने वाला व्यक्ति ज्योतिष को समझ सके और अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

वैसे तो ज्योतिषीय यात्रा में मिले हर व्यक्ति धन्यवाद करता हूं जिसने मदद की उसका भी जिसने मदद करने से इंकार किया उसका भी, क्योंकि हर किसी से मिलकर उसका व्यवहार देखकर मन में एक प्रश्न जरूर आत

162 pages, Kindle Edition

Published September 30, 2025

Loading...
Loading...

About the author

Vipul Joshi

13 books

Ratings & Reviews

What do you think?
Rate this book

Friends & Following

Create a free account to discover what your friends think of this book!

Community Reviews

5 stars
0 (0%)
4 stars
0 (0%)
3 stars
0 (0%)
2 stars
0 (0%)
1 star
0 (0%)
No one has reviewed this book yet.