जहाँ ड्रग्स इलाज नहीं, बल्कि हथियार बन जाती हैं — वहीं से शुरू होती है एक आम आदमी की ज़िंदगी की सबसे खतरनाक जंग।
विनेश कुमार, एक फार्मास्यूटिकल कंपनी में काम करने वाला साधारण इंसान, बस सुकून चाहता था। लेकिन एक सनसनीख़ेज़ खोज उसे भिड़ा देती है उस ताक़त से, जिसका नाम है — “ख़ांडव।”
ख़ांडव कोई इंसान नहीं, एक छाया है — अपराध, सत्ता और गद्दारी का ऐसा जाल, जहाँ दोस्त खंजर बनते हैं और सपने मौत।
जैसे-जैसे परतें खुलती हैं, विनेश भीतर तक हिल जाता है — क्योंकि उस भूलभुलैया में सच्चाई ही सबसे बड़ा अपराध है। क्या वह इस आग से बच पाएगा — या फिर वही उसका अगला शिकार होगा?
“Sacred Games” और “Narcos” के दर्शकों को पसंद आएगी यह अपराध कथा।