Jump to ratings and reviews
Rate this book

पड़ोसन आंटी ६: विशाखा आंटी का आखरी खेल (पड़ोसन आंटी (हिंदी))

Rate this book
वह एक पत्नी है, एक माँ है… और एक ऐसी पड़ोसी जिसे हर पुरुष दिल ही दिल में चाहता है।

साड़ी में लिपटी वनेसा बाहर से भले ही परफ़ेक्ट महिला लगे, लेकिन बंद दरवाज़ों के पीछे उसकी रातें वर्जित इच्छाओं से जल उठती हैं। पति की बेरुख़ी जब उसे भीतर तक तोड़ देती है, तो वह अपने अधूरे अरमानों को खतरनाक खेलों में बदल देती है—ऐसे खेल, जो उसकी बेटी एंसी और नौजवान पड़ोसी मैक्स को भी वासना, विश्वासघात और छिपे हुए रहस्यों की भूलभुलैया में खींच लेते हैं।

माँ की छुपी हुई चाहतों से लेकर बेटी की बगावती तड़प तक—इस कहानी में कोई सीमा नहीं। हर सच एक नया परदा हटाता है और दिखाता है कि जब लालसा हदें पार करती है, तो इंसान कितनी दूर जा सकता है।

गर्मजोशी, रहस्य और बेबाक जुनून से भरी पड़ोसन की वर्जित रातें आपको सा&#

29 pages, Kindle Edition

Published October 5, 2025

About the author

Anamika Roy

80 books2 followers

Ratings & Reviews

What do you think?
Rate this book

Friends & Following

Create a free account to discover what your friends think of this book!

Community Reviews

5 stars
0 (0%)
4 stars
0 (0%)
3 stars
1 (100%)
2 stars
0 (0%)
1 star
0 (0%)
No one has reviewed this book yet.

Can't find what you're looking for?

Get help and learn more about the design.