मेरी दुनिया सीधी-सादी थी। स्कूल, पढ़ाई, और दूर से संजना आप्टे को देखकर आहें भरना। वो मेरी पहुँच से बहुत दूर थी, किसी सपने जैसी। मैं रोहित तिलक, बारहवीं क्लास का वो लड़का था, जिसके पास हिम्मत से ज़्यादा डर था।
लेकिन फिर ज़िंदगी ने एक अजीब मोड़ लिया, शुक्रवार और शनिवार की रातों को। पिज़्ज़ा डिलीवरी का काम सिर्फ़ जेबख़र्च नहीं था, ये मेरी उस ख़ालीपन से बचने की कोशिश थी, जिसे मैं महसूस करता था।
और उसी दुनिया में... वो थीं। मिसेज़ राखी मल्होत्रा।
वो मेरी उम्र से बहुत बड़ी थीं, अनुभवी, आकर्षक, और... ख़तरनाक। वो मेरी कस्टमर थीं, लेकिन जल्द ही वो मेरी 'टीचर' बन गईं। उन्होंने मुझे वो सबक़ सिखाए, जो स्कूल की किताबों में नहीं थे। वो सबक़, जिन्होंने मेरे अंदर के डरपोक लड़के को मारकर एक नया 'रोहित' पैदा किया।