SERIES - गुप्त आश्रम - 1 ( रोहन की यात्रा की शुरुआत है )
क्या प्राचीन ज्ञान सिर्फ़ पन्नों में छिपा होता है, या उसे पाने के लिए शरीर और आत्मा को दांव पर लगाना पड़ता है?
दिल्ली का एक तर्कशील विद्वान, रोहन, पश्चिमी घाट के वर्षा-सिक्त और दुर्गम जंगलों में एक खोई हुई पांडुलिपि, 'काम-सिद्धांत' की खोज में निकलता है। किंवदंतियाँ कहती हैं कि इस ग्रंथ में वह ज्ञान छिपा है जो 'कामसूत्र' से भी परे है—इच्छाओं का वह विज्ञान जो मोक्ष का द्वार खोल सकता है।
लेकिन जब रोहन 'पंचवटी आश्रम' के भारी फाटक को पार करता है, तो उसे अहसास होता है कि जिस ज्ञान को वह किताबों में ढूंढ रहा था, वह दरअसल स्पर्श, ऊर्जा और समर्पण की एक जीवित साधना है।
यहाँ उसका सामना होता है आश्रम की रहस्यमयी गुरु, आचार्य अदिति से,