रांची की एक कंस्ट्रक्शन साइट पर ओवरटाइम करने वाले मजदूरों की जिंदगी हमेशा थकी-हारी और मजाकिया होती है... लेकिन जब एक भूतनी आती है अपना बीस साल पुराना ओवरटाइम का हिसाब मांगने, तो मजाक डर में बदल जाता है। छोटू, मोटू, गुड्डू और बाकी गैंग बीयर पीते-पीते भूतनी के चक्कर में फंस जाते हैं। UPI, Instagram रील्स, दुबई शॉपिंग, प्राइवेट जेट और आखिरकार शादी तक का सफर – ये कहानी है डर, हंसी, रोमांस और देसी स्वैग की। क्या छोटू बच पाएगा लाइफटाइम ओवरटाइम से? या प्यार में पड़कर हमेशा के लिए भूतनी का हो जाएगा? एक ऐसी हॉरर-कॉमेडी जो आपको रात को हंसाते-हंसाते डराएगी और सुबह उठकर सोचने पर मजबूर कर देगी – “यार, ओवरटाइम तो सच में मत करना!”