“फिरौती”, जैसा कि मेरे इस 53 वें उपन्यास के शीर्षक से ही जाहिर है, ये एक अपहरण पर केंद्रित कहानी है।
अपहरण के विषय पर आप ने कई कहानियां पढ़ी होगी, लेकिन इस उपन्यास “फिरौती” की कहानी सिर्फ एक अपहरण की ही कहानी नहीं है, बल्कि अपहरण के पीछे छिपे हुए एक बड़े उद्देश्य की कहानी है।
इस उद्देश्य के बारे में यहाँ मैं इस उपन्यास का संक्षिप्त परिचय देने के वक्त कुछ नहीं बता सकता, क्यों कि अपहरण के पीछे का उद्देश्य इस कहानी की आत्मा है और एक रहस्य है जो कि ये उपन्यास पढ़ते हुए अंत में पाठक के सामने आएगा।
मैं यहाँ सिर्फ इतना ही बता सकता हूँ कि “फिरौती” एक अनोखी और अलग तरह की कहानी है, जो इस उपन्यास को साधारण अपहरण की कहानियों से अलग करती है।