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अंधेरी घाटी : शिकारी और अमर : सीजन 2: तलवार का श्राप (अंधेरी घाटी: शिकारी और अमर सीजन 2 Book 1)

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भेड़िया और बेताल (सीज़न 2): राख के नीचे की चिंगारी🐺 क्या कालिया का अंत सिर्फ एक शुरुआत थीराका जल चुका है। अँधेरी घाटी अब शांत है। आम इंसानों के लिए, वह खूनी रात बस एक भयानक सपना थी। लेकिन भास्कर जानता है कि यह शांति महज़ एक भ्रम है।छह महीने बाद, इच्छाधारी भेड़िया बनने के बाद भास्कर पहले से कहीं ज़्यादा शक्तिशाली और गठीला है, लेकिन उसकी ताकत के साथ ही उसका गुस्सा और दर्द भी बढ़ गया है। उसके सीने पर बने सफेद निशान हर पूर्णिमा से पहले चेतावनी देते हैं कि खतरा अभी गया नहीं है।सीज़न 2 में, भास्कर को अब कालिया से भी बड़ी बुराई का सामना करना है, जिसे उसने खुद गलती से मुक्त कर दिया था:ज़ारा की वापसी: कालिया तो राख हो गया, लेकिन ज़ारा अभी भी ज़िंदा है। वह प्राचीन शक्तियों के साथ लौटी है, और अब उसका लक्ष्य सिर्फ बदला &

101 pages, Kindle Edition

Published December 17, 2025

2 people are currently reading

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