रोहन का बारहवां जन्मदिन उसके परिवार के लिए खुशियों का दिन होना चाहिए था। लेकिन पड़ोसी मिस्टर कुरैशी द्वारा दिए गए एक अजीब 'तोहफे' ने सब कुछ बदल दिया। वह तोहफा—एक काला, प्राचीन पिरामिड—सिर्फ़ एक एंटीक नहीं, बल्कि एक पिंजरा था जिसमें सदियों पुराना एक शैतान कैद था。
शाम होते ही दरवाजे की घंटी बजी। सामने रोहन का मामा 'विनय' खड़ा था। वही चेहरा, वही मुस्कान।
लेकिन एक समस्या थी—विनय की मौत तो कुछ घंटे पहले ही एक बस हादसे में हो चुकी थी।
तो फिर वो कौन है जो घर के अंदर बैठा है?
वो कौन है जिसकी गोद में रोहन खेल रहा है?
और घर के बाहर की दुनिया अचानक गहरे, काले अंधेरे (Void) में क्यों बदल गई है?