कामयाबी की भूख मिटाने के लिए, उसने खुद को ही परोस दिया।
MOTEL जहाँ मेहमान भगवान नहीं... शैतान होता है।
रूबीना के लिए उसका नया होटल सिर्फ़ एक इमारत नहीं, उसका साम्राज्य था। शहर से दूर, जंगल के किनारे बनी इस आलीशान जगह पर सब कुछ परफेक्ट था—सिवाय 'कमरा नंबर 404' के, जिसे सालों पहले सील कर दिया गया था।
उद्घाटन की तूफानी रात, एक वीआईपी मेहमान आता है—सौरव पटेल। बेहद अमीर, बेहद हैंडसम और बेहद रहस्यमयी।
सौरव, रूबीना को कामयाबी की उन ऊंचाइयों पर ले जाने का वादा करता है जहाँ से दुनिया छोटी लगती है।
बस एक छोटी सी शर्त है: "उसे रूम 404 में ही रुकना है।"
रूबीना को लगा था कि यह उसकी लाइफ की सबसे बड़ी डील है। लेकिन उसे नहीं पता था कि उसने होटल का दरवाजा नहीं, बल्कि नरक का मुँ