उपन्यास : हवेली की गुप्त ख्वाहिशेंकुछ दरवाज़े खुलते हैं... तो मर्यादा की दीवारें गिर जाती हैं।
प्रताप हवेली—शहर की सबसे रईस और इज़्ज़तदार इमारत। बाहर से यहाँ सब कुछ शांत और मर्यादित दिखता है, लेकिन रेशमी पर्दों के पीछे अधूरी हसरतों का एक ऐसा तूफ़ान कैद है, जो बाहर आने को बेताब है।
कहानी शुरू होती है आर्यन से, एक युवा और तेज़-तर्रार वकील, जो हवेली में एक कानूनी केस लड़ने आता है। लेकिन उसे जल्द ही एहसास हो जाता है कि यहाँ की खूबसूरत मालकिनों और रईसज़ादियों को 'कानूनी सलाह' से ज़्यादा एक 'असली मर्द' के साथ की ज़रूरत है। एक ऐसा साथ, जो उनकी दौलत की ठंडी दुनिया में थोड़ी गर्मी भर सके।
यह कहानी है सत्ता, साज़िश और उन वर्जित रिश्तों की, जो समाज की नज़रों से छुपकर पनपते हैं। यहाँ एक-एक क&#