क्या दौलत की चमक और रेशम की नरमी किसी इंसान के अकेलेपन को ढक सकती है? क्या एक आलीशान महल की ऊंची दीवारें उस ख़ामोश चीख को दबा सकती हैं, जो बरसों से बंद दरवाजों के पीछे गूंज रही है?यह उपन्यास सिर्फ़ एक कहानी नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं, दबी हुई इच्छाओं और मर्यादा की बेड़ियों को तोड़ने वाले एक तूफ़ान का नाम है। यह कहानी शुरू होती है खंडाला के 'रॉयल एस्टेट' से, जहाँ एक 'मखमली पिंजरा' है। इस पिंजरे में कैद हैं तीन शेरनियां—नैना, सिमरन और कशिश। उनके पास सब कुछ है, सिवाय उस एक 'अहसास' के, जो उन्हें ज़िंदा होने का सबूत दे सके। उनकी ज़िंदगी में जब विक्रम नाम का एक 'रक्षक' आता है, तो वह सिर्फ़ उनकी जान नहीं बचाता, बल्कि उनकी रूह में जमी बरसों पुरानी बर्फ को भी पिघला देता है।