‘गोदान’ मुंशी प्रेमचंद का सबसे प्रसिद्ध और कालजयी उपन्यास है। यह उपन्यास भारतीय ग्रामीण जीवन, विशेषकर किसानों की पीड़ा, शोषण और सामाजिक विषमताओं का यथार्थपूर्ण चित्रण करता है। इसकी कथा एक साधारण किसान होरी महतो के जीवन के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी सबसे बड़ी इच्छा एक गाय पालने और जीवन के अंत में गोदान करने की है।
होरी ईमानदार, मेहनती और धर्मनिष्ठ किसान है, लेकिन गरीबी, कर्ज, ज़मींदारी प्रथा, महाजनों का शोषण और सामाजिक रूढ़ियाँ उसे लगातार दबाती रहती हैं। उसकी छोटी-सी चाह भी उसके लिए जीवन भर का संघर्ष बन जाती है। होरी की पत्नी धनिया एक सशक्त, साहसी और व्यावहारिक स्त्री है, जो अन्याय के विरुद्ध आवाज़ उठाती है और परिवार को संभालने का हर संभव प्रयास करती है।