स्वस्थ जीवन कोई एक दिन का लक्ष्य नहीं बल्कि जीवन भर चलने वाली साधना है, और जब कोई व्यक्ति यह समझ लेता है कि शरीर केवल मांस और हड्डियों का ढांचा नहीं बल्कि दिमाग, भावनाओं और ऊर्जा का संयुक्त तंत्र है, तभी असली परिवर्तन शुरू होता है, स्वस्थ जीवन के 21 नियम इसी गहरे सत्य पर आधारित हैं क्योंकि ये नियम केवल बीमारी से बचाने के लिए नहीं बल्कि मनुष्य को भीतर से शक्तिशाली, स्पष्ट और ऊर्जावान बनाने के लिए हैं, पहला नियम है सुबह सूर्योदय से पहले उठना क्योंकि प्रकृति के साथ तालमेल बैठाने वाला व्यक्ति कभी कमजोर नहीं होता, ब्रह्ममुहूर्त में उठने से शरीर की जैविक घड़ी सही होती है, हार्मोन संतुलित रहते हैं और मन में एक स्वाभाविक शांति जन्म लेती है, दूसरा नियम है उठते ही गुनगुना पानी पीना क्योंकि रात भर श