Jump to ratings and reviews
Rate this book

इंडिया से भारत: एक प्रवास [India Se Bharat: Ek Pravas]

Rate this book
श्रीमान प्रशांत पोळ अपने सुललित, विचार प्रवर्तक तथा विविध जानकारियों के लेखन से सर्वदूर परिचित है। उनकी नई पुस्तक 'इंडिया से भारत : एक प्रवास' में यह सारी विशेषताएँ यथावत् तो हैं ही, परंतु यह पुस्तक वाचक को अंतर्मुख बनाकर उसके मन में एक ऐसे चिंतन को जन्म देगी, जिस चिंतन का प्रत्येक देशवासी के मन में होना और उस चिंतन के निष्कर्षों को सतत स्मरण में रखना देशवासियों के लिए एक निरंतर आवश्यकता बनी है। यह चिंतन व्यक्तिशः स्वयं के बारे में न होकर एक समाज के नाते, एक राष्ट्र के नाते हम कौन हैं, हमारी पहचान क्या है, इसका चिंतन है।

श्री प्रशांत पोळ की यह पुस्तक भारत की भारतीयता के, स्वाधीन भारत में औपनिवेशिक मानसिकता से चले संघर्ष की समीक्षा है। पाठकों को इसके पठन से, भारत को अपनी शाश्वत नींव पर पक्के खड़े युगानुकूल भारत के रंग-रूप-आकार की अचूक कल्पना करने की दृष्टि तथा उस भारत को साकार करने की शक्ति प्राप्त होगी, यह विश्वास है।

- डॉ. मोहन भागवत
सरसंघचालक
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

208 pages, Paperback

Published February 18, 2026

About the author

Prashant Pole

9 books4 followers

Ratings & Reviews

What do you think?
Rate this book

Friends & Following

Create a free account to discover what your friends think of this book!

Community Reviews

5 stars
0 (0%)
4 stars
0 (0%)
3 stars
0 (0%)
2 stars
0 (0%)
1 star
0 (0%)
No one has reviewed this book yet.

Can't find what you're looking for?

Get help and learn more about the design.