ये काव्य संग्रह मेरी आत्मा की करुण पुकार है इसके हर शब्द में सजा सियाराम का दिव्य श्रृंगार है एक भक्त ने लिखा ये काव्य संदेश इसमें छुपी मेरी श्री राम के प्रति प्रेम भक्ति विशेष... हर कण क्षण में मुझे दिखे राम हर भाषा हर क्षेत्र राम का परिणाम राम "अनिशा" की सबसे सुंदर कल्पना सियाराम जिंदगी के धरातल पर प्यारी सी अल्पना... हर इतिहास हर भूगोल कहाँ नहीं राम राम से शुरू राम पर अंत जीवन का हर संग्राम जब मन को जीत लिया तो राम दरस दे जाएँगे कोई आए ना आए मेरे राम अवश्य आयेंगे...