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ख़ामोश अल्फ़ाज़

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ख़ामोश अल्फ़ाज़ – अनकहे जज़्बातों का एक सफर

कुछ एहसास इतने गहरे होते हैं कि उन्हें लफ्ज़ों में बयां नहीं किया जा सकता, फिर भी वे इतने भारी होते हैं कि उन्हें भीतर समेट कर नहीं रखा जा सकता । 'ख़ामोश अल्फ़ाज़' ऐसे ही मार्मिक शेरों का एक खूबसूरत संग्रह है।

यह किताब सिर्फ शायरी का संकलन नहीं है, बल्कि मोहब्बत, बेवफाई, ज़िंदगी की जीत-हार और उस दर्द का आईना है जो अक्सर मुस्कुराहटों के पीछे छुप जाता है । यह एक ऐसा सफर है जो जीवन के उन दार्शनिक किनारों तक जाता है जहाँ हम सभी कभी न कभी खुद को खड़ा पाते हैं ।

हर पन्ना आपको ठहरने, महसूस करने और इन ख़ामोश लफ़्ज़ों में अपनी कहानी ढूँढने का निमंत्रण देता है । अगर आपने कभी ख़ामोशी से दर्द साहा है या तकदीर से शिकायत की है, तो यह किताब सीधे आपकी रूह से

34 pages, Kindle Edition

Published April 20, 2026

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Sahil Gupta

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