Jump to ratings and reviews
Rate this book

नास्तिक की प्रार्थना

Rate this book
नास्तिक की प्रार्थना मानव कौल का कविता-संग्रह है। कविताओं की ओर लौटने, अपने भीतर के घर में वापस आने और बरसों से बची हुई बात को कह पाने की बेचैनी से जन्मी किताब।
मानव कौल ने अपनी रचनात्मक यात्रा की शुरुआत कविताओं से की थी। फिर नाटक, कहानियाँ और उपन्यास लिखते-लिखते वे अपनी ही भाषा से जैसे कुछ दूर चले गए। भीतर एक भूख बनी रही, घर लौटने की, अपनी पहली आवाज़ तक पहुँचने की। उनके लिए यह घर कविताएँ थीं।

एक उपन्यास पर काम करते हुए जब उसका अंत एक कविता में खुला, तब उन्हें लगा कि वे फिर अपने घर के आसपास हैं, उसकी गलियों, आँगन और गंध के पास। उसी क्षण से कविताएँ लौटने लगीं। यह संग्रह उसी लौटने की यात्रा है।

‘नास्तिक की प्रार्थना’ उन कविताओं की किताब है, जो ‘कुछ कहना छूट गया है’ की टीस और भूख से निकली हैं। इसमें आत्मीयता है, बेचैनी है, स्मृति है और वह स्वाद है, जो लंबे समय बाद घर के खाने में मिलता है।

यह संग्रह पाठक को भी अपने भीतर के किसी पुराने, भूले हुए घर तक ले जा सकता है।

136 pages, Paperback

Published May 4, 2026

Loading...
Loading...

About the author

Manav Kaul

36 books449 followers
कश्मीर के बारामूला में पैदा हुए मानव कौल, होशंगाबाद (म.प्र.) में परवरिश के रास्ते पिछले 20 सालों से मुंबई में फ़िल्मी दुनिया, अभिनय, नाट्य-निर्देशन और लेखन का अभिन्न हिस्सा बने हुए हैं। अपने हर नए नाटक से हिंदी रंगमंच की दुनिया को चौंकाने वाले मानव ने अपने ख़ास गद्य के लिए साहित्य-पाठकों के बीच भी उतनी ही विशेष जगह बनाई है। इनकी पिछली दोनों किताबें ‘ठीक तुम्हारे पीछे’ और ‘प्रेम कबूतर’ दैनिक जागरण नीलसन बेस्टसेलर में शामिल हो चुकी हैं।

Ratings & Reviews

What do you think?
Rate this book

Friends & Following

Create a free account to discover what your friends think of this book!

Community Reviews

5 stars
4 (22%)
4 stars
6 (33%)
3 stars
7 (38%)
2 stars
1 (5%)
1 star
0 (0%)
Displaying 1 - 3 of 3 reviews
Profile Image for Scarlet.
96 reviews
July 10, 2026
Two poems of Vinod Kumar Shukla Ji, loved the little tribute to him in this.
Profile Image for Rahul Agarwal.
13 reviews
August 6, 2026
Young authors को पढ़ने का यह फायदा जरूर है कि उनसे आप जल्दी connect हो जाते हो। वैसे ही मैं मानव की इस किताब की कुछ कविताओं से अच्छा connect हुआ। जैसे दूसरी दुनिया, सच और झूठ, विरोधाभास, ठगा जाना, ख़राब कविता, जोखिम का चिल्लर, अधूरी कहानी!
15 reviews
August 16, 2026
Beautiful poems in Hindi, from the ones that can make you nostalgic to the ones that can question your beliefs.
Displaying 1 - 3 of 3 reviews