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आख़िरी गवाही

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आख़िरी गवाही
Written by Manoj Tripathiकुछ सच ऐसे होते हैं जिन्हें दुनिया से छुपाया जा सकता है... लेकिन समय से नहीं।

"आख़िरी गवाही" एक रहस्यमय क्राइम थ्रिलर उपन्यास है, जहाँ अपराध, परिवार, डर और न्याय की एक खतरनाक कहानी सामने आती है।

जोसेफ एक ऐसा आदमी है जिसका अतीत अपराधों से भरा हुआ है। चोरी, हत्या और जेल की सज़ाओं ने उसकी जिंदगी को अंधेरे में धकेल दिया है। उसकी पत्नी मारिया और दो बेटियाँ—13 वर्षीय जेनी और 8 वर्षीय मेरी—हर दिन उसके गुस्से और हिंसा का सामना करती हैं।

एक दिन जोसेफ अपनी बेटी जेनी की शादी एक उम्रदराज़ पुलिस अधिकारी एंड्रयू से करने का फैसला करता है। इस फैसले के खिलाफ उठी एक आवाज़ पूरे परिवार की जिंदगी बदल देती है। एक हादसे में जोसेफ की मौत हो जाती है, लेकिन उसकी मौत के साथ शुरू होता है एक ऐसा रहस्य, जो वर्षों तक दबा रहता है।

अपनी सुरक्षा और भविष्य बचाने के लिए जेनी एंड्रयू से शादी कर लेती है। लेकिन एंड्रयू जब जोसेफ के अतीत की तलाश शुरू करता है, तो एक-एक करके ऐसे राज़ सामने आते हैं जो हर किसी को शक के घेरे में ला देते हैं।

क्या जोसेफ की मौत वास्तव में एक हादसा थी?
क्या जेनी, मारिया और मेरी किसी बड़े अपराध को छुपा रही थीं?
या फिर इस पूरे खेल के पीछे कोई और ताकत थी?

बीस साल पुराने अपराध, छिपे हुए सबूत, झूठे रिश्ते और एक आख़िरी गवाही...

जो तय करेगी कि जीत किसकी होगी—
अपराध की या सच की।

"आख़िरी गवाही" एक ऐसी कहानी है जो पाठकों को अंत तक बांधे रखती है और यह सवाल छोड़ जाती है—

"क्या हर खामोशी के पीछे कोई अपराध छिपा होता है?"

291 pages, Kindle Edition

Published July 28, 2026

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About the author

Manoj Tripathi

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Manoj Tripathi is a Sales and Marketing professional at Mercedes-Benz India, the leading German automobile company. He is an active blogger and a guest author at Business World. Being an avid reader and traveler helps him understand economic issues and business challenges in a better way. He uses his 16 years of professional experience to suggest suitable solutions. He is currently settled in Pune, India

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