जीवन और मृत्यु का संबंध बस एक क्षण भर का हैं जो इस पार या उस पार कर जाता हैं। जीवन सही में क्या हैं और मृत्यु को कौन प्राप्त हो चुका हैं? ये जानना भी बडा महत्वपूर्ण हैं।केवल श्वास लेना या न लेना तो इनकी परिभाषा तो नहीं हो सकती। तो इन्हीं को परिभाषित करने का एक प्रयास हैं ये किताब जो एक सफर पर ले जाएगी जहां इन्हीं प्रश्नों के उत्तर खोजने का प्रयास किय गया हैं।