अगर यह वाक्य आप खुद से कई बार कह चुके हैं, तो यह किताब आपके लिए है।
SSC, Banking, Railway, State PCS या UPSC — परीक्षा कोई भी हो, कहानी अक्सर एक जैसी होती है। साल गुज़रते जाते हैं। दोस्त नौकरी में लग जाते हैं। घर में सवाल बढ़ते जाते हैं। और मन में एक डर बैठ जाता है: अगर इस बार भी नहीं हुआ, तो आगे क्या?
इस सवाल का जवाब कोई coaching नहीं देती। यह किताब देती है।
यह किताब आपसे तैयारी छोड़ने को नहीं कहती। यह आपको वह सिखाती है जो अभिमन्यु को नहीं सिखाया गया था — चक्रव्यूह से बाहर निकलने का रास्ता।
इस किताब में आपको मिलेगा:
अपनी स्थिति साफ देखने का तरीका — बिना खुद को दोष दिएरुकूँ, बदलूँ या तैयारी के साथ-साथ कुछ बनाऊँ — तीनों रास्तों का ईमानदार हिसाबतैयारी के सालों में जो सीखा, उसे नौकरी की भाषा में बदलने का तरीकासात career रास्ते — Private Job, Operations, Teaching, Public Service, Technology, Freelancing और छोटे शहर से कामResume और interview में gap का सवाल आत्मविश्वास से संभालने के लिए तैयार जवाबघर पर यह बात बिना झगड़े कैसे करेंबेटियों के सामने आने वाली अलग चुनौतियों पर पूरा एक अध्यायअंत में आपका अपना Career Map और अगले 90 दिन की योजनाहर अध्याय के साथ एक छोटा काम है। 27 अध्याय, 27 पन्ने — किताब खत्म होते-होते आपके हाथ में अपनी योजना होगी।
इसमें कोई झूठा वादा नहीं है — न "छह महीने में लाखों", न कोई उपदेश। सिर्फ साफ बातें और आज़माए जा सकने वाले कदम।
लेखक के बारे में: कमलेश वर्मा दस साल से ज़्यादा समय से data और analytics के क्षेत्र में काम कर रहे हैं और hiring को दोनों तरफ से देख चुके हैं। उन्होंने खुद कई प्रतियोगी परीक्षाएँ दी हैं और बरसों से aspirants के साथ बैठकर उनके career पर काम किया है।
माता-पिता और भाई-बहन भी इसे पढ़ें। आपके घर में कोई तैयारी कर रहा है, तो यह किताब उससे बात शुरू करने का सबसे अच्छा तरीका हो सकती है।
तैयारी आपकी मेहनत का हिस्सा है, आपकी पूरी पहचान नहीं। आज से अपना नक्शा बनाना शुरू कीजिए।