ईसाईयत छोड़कर इस्लाम कुबूल करने वाले दुनियाभर के ग्यारह ईसाई पादरियों और धर्मप्रचारकों की दास्तानें। आज जहां इस्लाम को लेकर दुनियाभर में गलतफहमियां हैं और फैलाई जा रही हैं, ऐसे में यह किताब मैसेज देती है कि इस्लाम वैसा नहीं है जैसा उसका दुष्प्रचार किया जा रहा है।