यह गोलियों का सामना करनेवाले साहसी वीरों; विपरीत परिस्थितियों में जान पर खेलकर भी अद्वितीय शौर्य प्रदर्शित करनेवाले जाँबाजों; अपने अधिकारियों द्वारा प्रेरित साहसी भारतीय सैनिकों की कहानी है । हालाँकि युद्ध किसी देश की राजनीति का एक विस्तार है; युद्धक्षेत्र में मुकाबला करने की जिम्मेदारी सैनिक की होती है । ' स्वयं से पहले देश ' वाली संस्कृति में पले भारतीय सेना के सिपाही प्रतिकूल परिस्थितियों को अवसर में बदलते हुए और असंभव को संभव कर दिखाने के साथ विजय प्राप्त करते हुए चुनौतियों का सामना करते हैं । हालाँकि उनके साहसी कारनामों को पुरस्कृत किया जाता है; परंतु कई अन्य बातों को गौर किए जाने की आवश्यकता है कि वह कौन सी चीज है; जो उन्हें ऐसा बनाती है? यह पुस्तक भारतीय सैनिकों की अपने देश के प्रति प्रतिबद्धता और समर्पण को बेहतर तरीके से समझने में मदद करती है ।