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इस्मत चुग़ताई की सर्वश्रेष्ठ कहानियाँ [Ismat Chugtai Ki Sarvashresth Kahaniyan]

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Chugtai ki sarvashrestha kahaniya

176 pages, Paperback

Published January 1, 2014

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About the author

Ismat Chughtai

99 books313 followers
Ismat Chughtai (Urdu: عصمت چغتائی) (August 1915 – 24 October 1991) was an eminent Urdu writer, known for her indomitable spirit and a fierce feminist ideology. She was considered the grand dame of Urdu fiction, Along with Rashid Jahan, Wajeda Tabassum and Qurratulain Hyder, Ismat’s work stands for the birth of a revolutionary feminist politics and aesthetics in twentieth century Urdu literature. She explored feminine sexuality, middle-class gentility, and other evolving conflicts in the modern Muslim world. Her outspoken and controversial style of writing made her the passionate voice for the unheard, and she has become an inspiration for the younger generation of writers, readers and intellectuals.

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Displaying 1 - 7 of 7 reviews
11 reviews
March 19, 2016
इस्मत चुगताई का अपना एक वृहद परिमाप है , जिसे शब्दों में बाँध पाना सरल नही है , उस पर उनकी

बेहतरीन रचनाओं को पढने का भाग्य एक ही किताब में मिल जाए तो क्या कहना!! इस किताब में 13

बेहतरीन कहानियाँ है या यूँ कहा जाए की 13 अलग अलग दुनिया है जिसके किरदार काफी हद तक

हमारी रोज़मर्रा की जिंदगी से मेल खाते हैं | इस किताब में जो कहानियाँ है , वो है

1. गेंदा 2. चाबड़े 3. चौथी का जोड़ा 4. जड़े

5. थोड़ी सी पागल 6. दोजखी 7.नन्ही की नानी 8. बिच्छो फूफी

9. बेकुंडे की प्याली 10. मुग़ल बच्चा 11.मुट्ठी मालिश 12. लिहाफ़ 13. सास

यह सारी कहानियां जिंदगी के अलग अलग आयाम को अलग अलग परिस्थिति को दर्शाती है | इन सब

कहानियो का सारांश क्रम दर क्रम निम्नांकित है

1. गेंदा – गेंदा कहानी है एक किशोर लड़की गेंदा की जिनकी बचपन में ही शादी हो गयी है और वो

बचपन में ही विधवा हो गयी है | गेंदा को किशोर वय में प्यार हो जाता है | अपने दूर के भाई

से और ना सिर्फ प्यार होता है बल्कि उस प्यार की निशानी भी उसके गोद में आ जाती है | पर

चुकी वो विधवा है इसलिए इस रिश्ते को कोई नाम देने को तैयार नहीं है | ना घर के लोग , ना

वो आदमी जिसका यह बच्चा है पर गेदा का मासूम मन अब भी उस इंसान के भरोसे अपनी

जिंदगी काटने को तैयार है |

2. चाबड़े – चाबड़े कहानी है इस्मत चुगताई के चाचा की ही जिन्होंने जिन्दगीमें बस एक औरत से

प्यार किया और ताउम्र करते रहे | उस प्यार के बाद उन्होंने जिंदगी भर ऐश ओ आराम किया ,

औरतबाज़ी की , गुंडागर्दी की पर फिर किसी से ना इश्क कर पाए ना शादी , और उम्र के आखरी

पढ़ाव पर भी उसकी का नाम जपते हुए मर गए |

3. जड़े – हिन्दू और मुसलमान ये दो नाम भारत की अकूत सम्पति है पर 1947 में हुए विभाजन ने

इस संपत्ति काफी हद तक लूट लिया | यह कहानी एक ऐसे ही दो परिवारों की कहानी है जिसमे

विभाजन के कारन फूट पड़ती है और मुसलमान परिवार पकिस्तान जाने की ठान लेता है , ऐसे

में हिन्दू परिवार का मुखिया आखिर वक़्त पर उन्हें जाने से ना केवल रोकता है बल्कि उनकी

सुरक्षा की जिम्मेदारी भी लेता है

4. थोड़ी सी पागल – थोड़ी सी पागल कहानी है एक ऐसी लड़की की जिसने एक हादसे में अपने पुरे

परिवार को खो दिया और फिर उस पुरे परिवार का सपना खुद पूरा करने निकल पड़ी , पर इस

जूनून में वह खुद को तो भूल ही गयी | पर आखिर में उसने वह भी पाया जो वह चाहती थी

एक अलग इंसान के तौर पर |

5. दोजखी – दोजखी कहानी है एक ऐसे आदमी की जिस को जिन्दा रहते उसकी खूबियों को ना

समझा गया ना उसके हुनर की कद्र हुई बल्कि उसके रवैये के चलते उसे हमेशा दोजख में जाने

का ही फितरा कसा गया | वो जब रहा नही तो लेखिका ने उसे याद किया और सोचा की वो बुरा

नही मस्तमौला इंसान था |

6. नन्ही की नानी – नन्ही की नानी कहानी है , एक ऐसी बुढ़िया की जिसका नाम कोई नहीं जानता

था | सब उसे नन्ही की नानी ही कहते थे , कहानी में उसकी पूरी जिंदगी और जिंदगी के उतराध

की कशमकश दिखाई गयी है , नन्ही की नानी एक झूटी और चटोरी औरत है और आदतन चोर

भी पर फिर भी उम्र का तकाजा उसकी इस सारी गलतियों पर भारी है |

7. बिच्छो फूफी – बिच्छो फूफी एक ऐसी औरत की कहानी है , जिसका भाई हमेशा उसे शरारती

तरीके से कचोटता रहता है , ओर बीचो फूफी हमेशा डंक मारती रहती है| वह हमेशा बडबडाया

करती है , ताने मारा करती है और भाई हमेशा उसको चिढाया करते , पर एक मसले पर जब

उनकी भाई से ठन जाती है तो फिर वो कभी उसके घर नहीं आती पर भाई के अंतिम वक़्त में

वह आती है , पर आज उसकी जबान पर ताने नही है , आज उसकी जबान पर दुआ है , अपने

भाई के लिए दुआ

8. बेकुंदे की प्याली – बेकुंदे की प्याली कहानी एक अधेड़ उम्र के आदमी पीरु और १० साल के बच्चे

दुन्ना की | दुन्ना का इस दुनिया में कोई नहीं , माँ भी छोड़ कर चली गयी , पीरु का भी कोई

नहीं , ऐसे में वो दोनों एक दुसरे का सहारा बनते हैं| दोनों की माली हालत अच्छी नही पर

जिंदगी चल रही है , कचरा बीनते हुए एक दिन दुन्ना को एक चाय की प्याली मिलती है

जिसका कुंडा नही है | कुंडा ना होने पर भी वो प्याली उसे बड़ी प्यारी है | पर पूरा गाव इस बात

से जल जाता है की इन भिक्मंगो के पास यह खूबसूरत प्याली कहा से आई | प्याली यूँ देखा

जाए तो किसी काम की नही पर दुन्ना के जीवन की एक मात्र कीमती चीज़ है जिसके चक्कर में

वो रात भर पानी में भीगता है और बुखार से मर जाता है |

9. मुग़ल बच्चा – रस्सी जल गयी मगर बल नहीं गया | यही कहानी है मुग़ल बच्चा की | एक नयी

नवेली शादी कभी पूरी नही हो पाती सिर्फ इसलिए क्योकि दूल्हा और दुल्हन इस बात पर अड़े

बैठे हैं की घूघट कौन उठाएगा , अपनी मुग़ल शानोशौकत के चलते दोनों की जिंदगी अधूरी ही

रह जाती है वो दोनों कभी एक ही नही हो पाते | और जब यह मुगलिया शान की धुल झड़ी तो

पता चला की दोनों इस काबिल ही नहीं रहे और ना ही वक़्त रहा जो उन्हें एक कर सके

10. मुट्ठी मालिश – भ्रूण हत्या का पाप एक ऐसा पाप है जिसकी जितनी भर्त्सना की जाए उतनी

कम है ,पर कई बार ये एक मजबूरी भी है| एक कहानी नही शायद एक सच्चाई है , कहानी एक

हॉस्पिटल की आया रत्ती बाई जो एक देशी तरीके जिसका नाम मुट्ठी मालिश है से बच्चा गिराने

का काम करती है | और वह खुद भी ऐसे ही गर्भपात करती है | यह तरीका ना केवल जानलेवा

है बल्कि गलत भी है पर उसे इस बात से कोई फर्क नही पड़ता क्योकि उसकी गरीबी और

सामाजिक जीवन एक बच्चे का बोझ नही सह सकता|

11. लिहाफ़ – लिहाफ कहानी है एक ऐसी औरत की जिसका नाम तो बेगम जान है पर उसके बद्शाह

उसके साथ नही रहते | यह बेगम पति की बेरुकी और समलेंगिक संबंधो के चलते खुद भी

समलेंगिक सम्बन्ध बाँध लेती है ..और समबन्ध जब एक छोटी लड़की की आँखों में आता है तो

वह यह तय ही नही कर पाती की यह हो क्या रहा है , पर लिहाफ के अन्दर कुछ होता है यह

उसे समझ में आता है और जब एक दिन बेगम जान उस लड़की के शरीर से अपनी प्यास

बुझाने की कोशिश करती है तो बुरी तरह से डर जाती है |

12. सास – सास और बहु का रिश्ता बड़ा ही अलग है , यूँ सास भले ही अपनी बहु को कितना भी

कोसे पर दिल ही दिल में सास का अपनी बहु के लिए बहुत प्यार होता है | कुछ ऐसी की कहानी

कहती है यह कहानी|
Profile Image for Ashutosh Parauha.
23 reviews24 followers
May 18, 2020
I was expecting some controversial stuff and still didn't expect such literary realism. Some of the stories are really fresh and exquisite. I particularly enjoyed ' Nanhi ki Naani' and 'Mughal Bachha'

Having said this, the language is a bit difficult and contains many urdu words. Overall, it's a nice short read. If not for anything, read it for 'lihaaf' and see for yourself what a courageous attempt it was.
Profile Image for Sakshi Singh.
37 reviews1 follower
May 31, 2020
Damn she was a bold and visinory writer. even better than Manto sometimes. her stories has every elements.. philosophy, reality, politics.. she questions everything in her stories. I want to read her again and again.
Profile Image for Ravi Shukla.
34 reviews6 followers
September 4, 2023
A must read book. Every story is great.. never expected when I started.. but this is a must read.
Displaying 1 - 7 of 7 reviews

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