निर्भीक लेखक संजय अग्निहोत्री का उपन्यास 'जो दिल की तमन्ना है', सरकारी तंत्र और आम इंसान के सम्बन्धों के मनोविज्ञान पर आधारित है । सफलता के शिखर पर पहुंचने की राह मे एक तरफ हैं प्रतिस्पर्धा, ईर्ष्या व दूसरी तमाम अड़चनो का अम्बार और दूसरी तरफ है सरकारी तंत्र । इन सब से बेखबर एक वैज्ञानिक, सरल परंतु बेहद कुशाग्र और परिश्रमी । सब के मनोविज्ञान का विश्लेषण कर संतुलन कायम करना है वैज्ञानिक के मित्र या यों कहें कि दाहिने हाथ मदन को । वैज्ञानिक की पत्नी, अपने आप मे पहेली और पाठकों के लिए कौतूहल का विषय । जीवन के विभिन्न रंगों को उजागर करती और उनपर प्रश्नचिन्ह लगाती कथा । पाठकों की दिलचस्पी को बढ़ाने वाला पलपल बदलता वातावरण और घटनाक्रम । एक सुलझी हुई कहानी । परंतु न सिर्फ चौंकाने वाला बल्कि सोचने पर मजबूर करने वाला अत्यंत शक्तिशाली अंत ।
A unique perspective of a unique life, written for the ordinary man. This fast-paced and unpredictable Hindi narrative will have you finding it hard to stop turning the pages.
A bold effort to demonstrate the bitter reality of life in today’s world.