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Singh Murder Case

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सिंह मर्डर केस (संशोधित संस्करण) ---- पुलिस के दबंग डी एस पी प्रशांत सिंह के पुत्र की शादी के दिन उसी की गाड़ी से कुचलकर, उसी के बंगले पर, दिन-दहाड़े हत्या कर दी जाती है. हत्यारे को किसी ने नहीं देखा. पुलिस के असफल हो जाने पर केस पहुँचता है सी बी आई के पास. कौन है हत्यारा? क्यों हुई ये हत्या? क्या हत्यारा पकड़ा जा सका? जानने के लिए पढ़ें- न्याय-अन्याय के बीच की धूमिल रेखा को रेखांकित करता हुआ एक अलग थ्रिलर.....

222 pages, Kindle Edition

Published June 30, 2016

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Displaying 1 - 4 of 4 reviews
Profile Image for Saba Khan.
5 reviews4 followers
June 17, 2016
कोई भी काम खासतौर पर लेखन कर्म जब अपनी पूरी तैयारी और ईमानदार कोशिशों से परवान चढ़ता है तो उसका मकसद भी पूरी शिद्दत से कामयाब होता है I लिखना एक जटिल प्रक्रिया है और इस लिखने के दौरान एक गंभीर लेखक को न केवल अपने पात्रों की मनःस्थिति से जूझना पड़ता है बल्कि निरंतर खुद के भीतर उमड़ घुमड़ रहे अनगिनत विचारों की क्रमवार श्रृंखलाओं से भी दो चार होना पड़ता है I और इस होती निरंतर उथल पुथल का प्रभाव रचना पर पड़ना स्वाभाविक है I
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https://sabakhanjrtakss.wordpress.com...
Profile Image for Shobhit Shobhit.
Author 7 books5 followers
August 23, 2016
नॉवल तो बहुत पहले ईबुक में ही ख़रीद लिया था, फिर पता चला की प्रिंटेड कापी भी आने वाली है तो सोचा कि वही ख़रीद कर पढ़ेंगे. पर हालात कुछ ऐसे हुए की ईबुक, हार्ड कॉपी दोनों होने के बावजूद कोई भी नहीं पढ़ पाया.

बस अभी दो दिन पहले ही पढ़ी है. पढ़ने से पहले मन में बहुत प्रश्न थे कि क्या ये मनोरंजन दे पाएगी? भाषा नीरस तो नहीं होगी? नए लेखक हैं तो भरोसा हो नहीं पा रहा था. नॉवल ख़रीद तो चुके ही थे तो लेखक पर एक एहसान (!!) की ख़ातिर पढ़ना शुरू किया.

जब पढ़ना शुरू किया तो पता चला की क्या कमाल लिख डाला है लेखक ने, एहसान हम ने नहीं, लेखक ने हम पर किया है, एक अलग अनुभव दिया है.

नॉवल में बार बार कहानी flashback में जाती है और वर्तमान में लौट लौट कर आती है. एक साहसिक प्रयास! एक नए लेखक के लिए यह इतना आसान नहीं होता क्योंकि लिखते समय चूक होने की संभावना बढ़ जाती है. लेखक ने इस चैलेंज को बहुत अच्छे से सम्भाला है..

मुझे आधे से ज़्यादा नॉवल पढ़ने के बाद भी नाम से शिकायत थी, मुझे लग रहा था कि मरने वाला कोई सरदार होगा पर ऐसा तो था ही नहीं.. बाद में मुझे लेखक की सोच से इत्तफ़ाक़ हुआ कि क्यों ये नाम उपयुक्त है, और बिलकुल सही है.

मुझे इस नॉवल को पढ़ने से पहले पुलिस, CBI, CID etc सब एक ही लगते थे, उनके काम करने के तरीक़ों का अंतर नहीं पता था.. इस नॉवल में इतने विस्तार से इन्वेस्टिगेशन को दिखाया गया है कि सब कुछ अच्छे से समझ आ गया.

नॉवल की भाषा भी आम बोल चाल की है, ऐसा नहीं हुआ कि किसी भी शब्द का अर्थ मुझे ढूँढना पड़ा हो. बहुत मज़ा आया.

लेखक की यह ईमानदार कोशिश बहुत अच्छी है, उम्मीदों से कहीं आगे नॉवल की भाषा, प्लॉट, dialogues, पात्र इत्यादि सभी बहुत शानदार बन पढ़े हैं.

लेखक की अगली नॉवल का इंतज़ार है..
This entire review has been hidden because of spoilers.
Profile Image for Shobhit Shobhit.
Author 7 books5 followers
August 23, 2016
नॉवल तो बहुत पहले ईबुक में ही ख़रीद लिया था, फिर पता चला की प्रिंटेड कापी भी आने वाली है तो सोचा कि वही ख़रीद कर पढ़ेंगे. पर हालात कुछ ऐसे हुए की ईबुक, हार्ड कॉपी दोनों होने के बावजूद कोई भी नहीं पढ़ पाया.

बस अभी दो दिन पहले ही पढ़ी है. पढ़ने से पहले मन में बहुत प्रश्न थे कि क्या ये मनोरंजन दे पाएगी? भाषा नीरस तो नहीं होगी? नए लेखक हैं तो भरोसा हो नहीं पा रहा था. नॉवल ख़रीद तो चुके ही थे तो लेखक पर एक एहसान (!!) की ख़ातिर पढ़ना शुरू किया.

जब पढ़ना शुरू किया तो पता चला की क्या कमाल लिख डाला है लेखक ने, एहसान हम ने नहीं, लेखक ने हम पर किया है, एक अलग अनुभव दिया है.

नॉवल में बार बार कहानी flashback में जाती है और वर्तमान में लौट लौट कर आती है. एक साहसिक प्रयास! एक नए लेखक के लिए यह इतना आसान नहीं होता क्योंकि लिखते समय चूक होने की संभावना बढ़ जाती है. लेखक ने इस चैलेंज को बहुत अच्छे से सम्भाला है..

मुझे आधे से ज़्यादा नॉवल पढ़ने के बाद भी नाम से शिकायत थी, मुझे लग रहा था कि मरने वाला कोई सरदार होगा पर ऐसा तो था ही नहीं.. बाद में मुझे लेखक की सोच से इत्तफ़ाक़ हुआ कि क्यों ये नाम उपयुक्त है, और बिलकुल सही है.

मुझे इस नॉवल को पढ़ने से पहले पुलिस, CBI, CID etc सब एक ही लगते थे, उनके काम करने के तरीक़ों का अंतर नहीं पता था.. इस नॉवल में इतने विस्तार से इन्वेस्टिगेशन को दिखाया गया है कि सब कुछ अच्छे से समझ आ गया.

नॉवल की भाषा भी आम बोल चाल की है, ऐसा नहीं हुआ कि किसी भी शब्द का अर्थ मुझे ढूँढना पड़ा हो. बहुत मज़ा आया.

लेखक की यह ईमानदार कोशिश बहुत अच्छी है, उम्मीदों से कहीं आगे नॉवल की भाषा, प्लॉट, dialogues, पात्र इत्यादि सभी बहुत शानदार बन पढ़े हैं. रमाकान्त जी, जितेन्द्र जी, शुभानंद जी सभी बधाई के पात्र हैं

लेखक की अगली नॉवल का इंतज़ार है..
This entire review has been hidden because of spoilers.
Profile Image for Sachin Jain.
49 reviews
January 8, 2019
Brilliant

Beautifully written.. real page turner.. started with a low expectation but thia turned out to be a master work.. well done Ramakant ji..
Displaying 1 - 4 of 4 reviews

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