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Yajurved (यजुर्वेद)
द्वितीय वेद के रूप में प्रसिद्ध यजुर्वेद ज्ञान (वेद) की वह शाखा है, जिस में यज्ञीय कर्मों का वर्चस्व है, क्योंकि इस के गद्यात्मक मंत्र पुरोहितों द्वारा यज्ञ संपन्न कराने के लिए संकलित किए गए थे। इसीलिए आज भी विभिन्न संस्कारों एवं यज्ञीय कर्मों के अधिकांश मंत्र यजुर्वेद के ही होते हैं। इस प्रकार ‘यजुर्वेद’ से वैदिक काल की यज्ञीय संस्कृति की झलक मिलती है। साथ ही ज्ञानविज्ञान, आत्मापरमात्मा तथा अन्य समाजोपयोगी ज्ञान भी इस में विद्यमान है। यह ज्ञान जनसाधारण तक पहुंच सकेµइसी उद्देश्य से ‘यजुर्वेद’ का यह सरल हिंदी अनुवाद प्रस्तुत है। प्रसिद्ध वैदिक भाष्यकार आचार्य उवट के भाष्य पर आधारित ‘यजुर्वेद’ के इस हिंदी रूपांतर से साधारण पाठक भी यज्ञ विधानों, सामाजिक संस्कारों आदि क
Kindle Edition
Published July 17, 2016
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Community Reviews
Displaying 1 - 1 of 1 review
September 3, 2020
धर्म का सार हैं। ऐसा ग्रन्थ पढ़ने का बहुत ज्यादा शौक हैं। मुझें...!
अब तक मैं लगभग 200 से ज्यादा पुस्तके पढ़ चुका हूँ। जिसमें अधिकतर धार्मिक पुस्तके हैं।
अब तक मैं लगभग 200 से ज्यादा पुस्तके पढ़ चुका हूँ। जिसमें अधिकतर धार्मिक पुस्तके हैं।
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