कोई शोर नहीं है इन कहानियों में,एक चुप्पी भरी धुंध फैली है। किरदार एक दूसरे से कम और खुद से ज्यादा बातें करते हैं। किरदार सिर्फ मनुष्य नहीं, बल्कि मौसम, धूप, छांव, रोशनी, अंधेरा, पहाड़, पत्ते, पतझड़, नदी, बादल, आकाश, सूरज, देश, विदेश, सभी हैं और फ़िर पढ़ते पढ़ते आप भी बन जायेंगे इनका हिस्सा और ये कहानियां आप में कैद सी हो जाएंगी। कुल ६ कहानियों का संकलन है जिन्हें निर्मल वर्मा ने खुद चुना है।
अगर आप इनसे परिचित नहीं हैं, तो शुरू करने का एक उपयुक्त बिंदु हो सकता है और निःसंदेह फिर आप इनके उपन्यासों एवं कहानियों की एक असीम रेखा खुद ब खुद खींच लेंगे।