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मेरी प्रिय कहानियाँ

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This ebook is from Rajpal and Sons, a 103 year-old publishing house headquartered in Delhi. Rajpal and Sons publishes books in English and Hindi languages, in non-fiction, fiction, classic and contemporary literature, and children categories.

40 pages, Kindle Edition

First published January 1, 1997

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About the author

Mohan Rakesh

58 books85 followers
जन्म: 8 जनवरी, 1925; जंडीवाली गली, अमृतसर।

शिक्षा: संस्कृत में शास्त्री, अंग्रेजी में बी.ए., संस्कृत और हिन्दी में एम.ए.।

आजीविकाः लाहौर, मुंबई, शिमला, जालंधर और दिल्ली में अध्यापन, संपादन और स्वतंत्र-लेखन।

महत्त्वपूर्ण कथाकार होने के साथ-साथ एक अप्रतिम और लोकप्रिय नाट्य-लेखक। नितांत असंभव और बेहद ईमानदार आदमी।

प्रकाशित पुस्तकें: अँधेरे बंद कमरे, अंतराल, न आने वाला कल (उपन्यास); आषाढ़ का एक दिन, लहरों के राजहंस, आधे-अधूरे, पैर तले की ज़मीन (नाटक); शाकुंतल, मृच्छकटिक (अनूदित नाटक); अंडे के छिलके, अन्य एकांकी तथा बीज नाटक, रात बीतने तक तथा अन्य ध्वनि नाटक (एकांकी); क्वार्टर, पहचान, वारिस, एक घटना (कहानी-संग्रह); बक़लम खुद, परिवेश (निबन्ध); आखिरी चट्टान तक (यात्रावृत्त); एकत्र (अप्रकाशित-असंकलित रचनाएँ); बिना हाड़-मांस के आदमी (बालोपयोगी कहानी-संग्रह) तथा मोहन राकेश रचनावली (13 खंड)।

सम्मान: सर्वश्रेष्ठ नाटक और सर्वश्रेष्ठ नाटककार के संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, नेहरू फ़ेलोशिप, फि़ल्म वित्त निगम का निदेशकत्व, फि़ल्म सेंसर बोर्ड के सदस्य।

निधन: 3 दिसम्बर, 1972, नई दिल्ली।

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Displaying 1 - 5 of 5 reviews
Profile Image for Ashutosh Rai.
67 reviews43 followers
June 3, 2020
मोहन राकेश के इस कहानी संग्रह में नौ कहानियां हैं, जो उन्होंने खुद चुनी हैं.

१. ग्लास टैंक
२. जंगला
३. मंदी
४. परमात्मा का कुत्ता
५. अपरिचित
६. एक ठहरा हुआ चाक़ू
७. वारिस
८. पाँचवें माले का फ्लैट
९. ज़ख्म

इनमें से परमात्मा का कुत्ता, एक ठहरा हुआ चाक़ू और पांचवें माले का फ्लैट मैंने पहले किन्ही और संग्रहों/पत्र-पत्रिकाओं में पढ़ रक्खी थीं, और वही मुझे इस संग्रह की श्रेष्ठ कहानियां लगीं. कई कहानियों में एक उदासीपन और महानगरी जीवन का खालीपन काफी उभर कर आता है. कहानियां कुल मिलकर अच्छी हैं, लेकिन शायद मैं आधे अधूरे और आषाढ़ का एक दिन के बाद थोड़े ज्यादा की अपेक्षा कर रहा था. पठनीय संघ्रह है, लेकिन असाधारण नहीं.
Profile Image for Amrendra.
348 reviews15 followers
November 26, 2020
बहुत हटकर लेखक हैं मोहन राकेश। संबंधों के अंतर्द्वंद पर बेहतरीन लिखते हैं। कहानियों का कोई स्पष्ट अंत न कर, पाठक को सोचने पर विवश करते हैं।

इस पुस्तक में उनकी चुनिंदा 9 कहानियां हैं - ग्लास टैंक, जंगला, मंदी, परमात्मा का कुत्ता, अपरिचित, एक ठहरा हुआ चाकू, वारिस, पांचवे माले का फ्लैट और जख्म। अपनी अधिकांश कहानियों में उन्होंने संबंधों की यंत्रणा को अपने अकेलेपन में झेलते लोगों की कहानी बतलाई है। समाज से कटकर नहीं, समाज के बीच के अकेलेपन को चित्रित किया है। उनकी कहानियों में व्यक्ति समाज की विडंबनाओं का और समाज व्यक्ति की यंत्रणाओं का आइना है।

जो लोग उलझे और असाधारण किरदारों की कहानियां पढ़ने के शौक़ीन हैं, वह इस किताब पर जरूर विचार करें। पसंद आने की गारंटी नहीं है, लेकिन ऐसे भी लेखक थे इस बात की खूबसूरती से जरूर रु-ब-रु होने का मौका मिलेगा।
Profile Image for Rajul.
459 reviews1 follower
May 6, 2022
Collection of short stories chosen by the renowned writer, Mohan Rakesh himself.

With loneliness as the central theme, the stories are poignant and thought provoking.

Above all, I loved the forward by Mohan Rakesh charting his journey as a writer and the reason for the choice of stories.
Profile Image for Mahender Singh.
427 reviews5 followers
August 3, 2022
मूल रूप से नाटक की विधा में ज्यादा लिखने वाले मोहन राकेश की 9 अच्छी कहानियों का संग्रह।
कहानी " परमात्मा का कुत्ता" तो सदा के लिए याद रह जाने वाली है।
Displaying 1 - 5 of 5 reviews

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