संसार में उन्हीं मनुष्यों का जन्म धन्य है, जो परोपकार और सेवा के लिए अपने जीवन का कुछ भाग अथवा संपूर्ण जीवन समर्पित कर पाते हैं। विश्व इतिहास का निर्माण करने में ऐसे ही सत्पुरुषों का विशेष योगदान रहा है। संसार के सभी देशों में सेवाभावी लोग हुए हैं; लेकिन भारतवर्ष की अपनी विशेषता रही है, जिसके कारण वह अपने दीर्घकाल के इतिहास को जीवित रख पाया है। किसी ने समय दिया, किसी ने जवानी दी, किसी ने धन और वैभव छोड़ा, किसी ने कारावास की असह्य पीड़ा सही। भारतवर्ष की धरती धन्य है और धन्य हैं वे सत्पुरुष, जिन्होंने राष्ट्रोत्थान को अपना जीवन-धर्म व लक्ष्य बनाया और अनवरत राष्ट्रकार्य में लीन रहे। उन्होंने भारत के गौरवशाली अतीत को जीवंत रखा और सशक्त-समर्थ भारत के स्वप्न को साकार करने के लिए अपने जीवन
Narendra Damodardas Modi Gujarati pronunciation: [ˈnəɾendrə dɑmodəɾˈdɑs ˈmodiː](born 17 September 1950, is an Indian politician serving as the 14th and current Prime Minister of India since 2014. He was the Chief Minister of Gujarat from 2001 to 2014 and is the Member of Parliament for Varanasi. Modi is a member of the Bharatiya Janata Party (BJP) and of the Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS), a Hindu nationalist volunteer organisation. He is the first prime minister outside of the Indian National Congress to win two consecutive terms with a full majority and the second to complete five years in office after Atal Bihari Vajpayee. --from Wikipedia
मोदीजी द्वारा लिखी गयी यह किताब संघ के उन अनेको स्वयंसेवको को श्रंद्धाजंलि है जिन्होंने राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व लुटा दिया। यह गाथा है उन कर्मविरो की जिन्होंने अपने जीवन का क्षण-क्षण मातृभूमि की सेवा में नेवछावर कर दिया।किताब में दिए गए कुछ प्रसंगो को पढ़ कर आंखे नम हो जाती है ।वह निस्वार्थता,वह अपनापन,प्रतिबन्ध व आपातकाल के दिनों का वह संघर्ष,समाज के प्रति वह नज़र्या वाकई में प्रेरणास्तोर्ता है ।
Good book to realize a sacrifices of sawayamsevak and pracharka to make a nation best, removing social barrier between cast and make a unity and sacrifice for nation.