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तोत्तोचान

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तोत्तोचान (स्वतः लेखिका) ही एक चंचल, शाळेतून काढून टाकलेली, खोडसाळ (?) शिक्षकांसाठी पण तरीही कुतूहलपूर्ण, उत्तम सामाजिक जाण असलेली प्रेमळ, आनंदी, धडपडी आणि निरागस चिमुरडी आहे. तिचं लहानपणीचं भावविश्‍व, तिचे पालक, लाडकी "तोमोई' शाळा आणि तिचे अनोखे मुख्याध्यापक कोबायाशी, त्यांचे शिक्षणविषयक नावीन्यपूर्ण उपक्रम, तळमळ, मुलांवरचा अतीव विश्‍वास...हे सारं आणि अजून खूप काही सांगणारं "तोत्तोचान.' (मूळ लेखिका : तेत्सुको कुरोयानागी, अनुवाद : चेतना गोसावी)

कोबायाशींच्या मते, सगळी मुलं स्वभावतः चांगलीच असतात. तो चांगुलपणा रुजवणं आणि मुलांची वैयक्तिकता टिकवणं महत्त्वाचं असतं. स्वाभाविक व नैसर्गिक वाढीसाठी मुलांना शिक्षणाबरोबरच क्रीडा, संगीत निसर्ग, चित्रकला यांच्या जोडीला मुलांवर अथांग प्रेम करणारे पालक व शिक्षक मिळणं फार गरजेचं आहे. शाळांचा अभ्यासक्रम पाठ्यपुस्तकमुक्त असावा, शिक्षण हसत-खेळत चालावं, असं त्यांना वाटे.

तोमोई शाळेतले अनेक नावीन्यपूर्ण उपक्रम, खेळ, गमती आपल्या शिक्षणपद्धतीत कदाचित अति आदर्शवादी वाटतील; पण तरीही शिक्षणासंबंधी प्रेम, आस्था असणाऱ्या प्रत्येकाने वाचलंच पाहिजे, असं हे पुस्तक!

130 pages, Paperback

Published January 1, 1999

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Profile Image for Shashwat Ratna Mishra.
82 reviews1 follower
August 10, 2025
टोतो-चान एक बहुत ही हल्की-फुल्की लेकिन भीतर तक असर करने वाली कहानी है। यह किताब पढ़ते ही मन हल्का हो जाता है, और कहीं न कहीं अंदर एक मुस्कान सी उभर आती है।

यह सिर्फ़ एक बच्ची की कहानी नहीं है, बल्कि एक ऐसे स्कूल की झलक है जहाँ शिक्षा का असली मतलब सिर्फ़ किताबों तक सीमित नहीं है। इसमें दोस्ती, आत्म-विश्वास, सीखने का आनंद, और एक शिक्षक का संवेदनशील दृष्टिकोण बहुत ही खूबसूरती से दिखाया गया है। जिस तरह से शिक्षक बच्चों को गतिविधियों से जोड़ते हैं और उन्हें प्रेरित करते हैं, वो आज के सिस्टम में सच में मिसिंग है। हर छात्र और हर शिक्षक को यह किताब ज़रूर पढ़नी चाहिए। इसमें बच्चों की मासूमियत, उनके सपने और सीखने की आज़ादी को जिस तरह दिखाया गया है, वह वास्तव में प्रेरणादायक है।

मेरे हिसाब से यह किताब स्कूल के पाठ्यक्रम का हिस्सा होनी चाहिए, ख़ासतौर पर प्राथमिक स्तर पर। यह न केवल बच्चों को उत्साहित करेगी, बल्कि शिक्षकों को भी यह समझने में मदद करेगी कि एक बच्चा सबसे अच्छा कब और कैसे सीखता है। कुल मिलाकर, टोतो-चान एक ऐसी किताब है जो आपके दिल को छू जाती है और आपको इंसानियत, शिक्षा और बालमन को फिर से समझने का मौका देती है।
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