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(Shrimadbhagvad Geeta)
About the Book: Srimad Bhagavad Gita (Shrimad Bhagavadgita) Reviews Bhagavad Gita is a real and true scripture of the human race, every civilization, a new meaning for all ages, giving a new message composition, is a living tradition. - Mr Arbindo Selfless duty-follow the same karma-yoga is the secret-that is the message of Krishna in the Bhagavad Gita. - Swami Vivekananda
176 pages, Paperback
About the author
Anonymous
3,456 followersBooks can be attributed to "Anonymous" for several reasons:
* They are officially published under that name
* They are traditional stories not attributed to a specific author
* They are religious texts not generally attributed to a specific author
Books whose authorship is merely uncertain should be attributed to Unknown.
See also: Anonymous
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Community Reviews
Displaying 1 - 5 of 5 reviews
January 5, 2022
गीता ज्ञान एवं सार
श्रीमद्भगवद्गीता का सुंदर हिंदी अनुवाद, तथा हर अध्याय का एक संक्षिप्त सार गीता को सरलता से समझने में सहायता करती है। हर अध्याय पर संक्षिप्त सार विनोबा भावे की पुस्तक 'गीता प्रवचन' और बाल गंगाधर तिलक जी की पुस्तक 'गीता रहस्य' से लिया गया है। ये सार इन दोनों पुस्तकों से मुख्य अंश लेकर समझाया गया है।
श्रीमद्भगवद्गीता का सुंदर हिंदी अनुवाद, तथा हर अध्याय का एक संक्षिप्त सार गीता को सरलता से समझने में सहायता करती है। हर अध्याय पर संक्षिप्त सार विनोबा भावे की पुस्तक 'गीता प्रवचन' और बाल गंगाधर तिलक जी की पुस्तक 'गीता रहस्य' से लिया गया है। ये सार इन दोनों पुस्तकों से मुख्य अंश लेकर समझाया गया है।
January 20, 2022
Author described in detail.
Author has described it good. After every chapter there is a Detailed description of that chapter so if you don't understand something in any chapter then please don't stop there keep reading you will get it by end of that chapter.
Author has described it good. After every chapter there is a Detailed description of that chapter so if you don't understand something in any chapter then please don't stop there keep reading you will get it by end of that chapter.
September 19, 2026
श्रीमद्भगवद्गीता मेरे लिए ऐसी पुस्तक है जिसे केवल पढ़ा नहीं जाता, बल्कि जीवन के अलग-अलग चरणों में बार-बार समझा और अनुभव किया जाता है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता मुझे यह लगती है कि यह जीवन के जटिल प्रश्नों के उत्तर बहुत सरल और व्यावहारिक रूप में देती है।
मुझे सबसे अधिक यह बात प्रभावित करती है कि गीता केवल धार्मिक उपदेश नहीं देती, बल्कि यह सिखाती है कि कठिन परिस्थितियों में सही निर्णय कैसे लिया जाए। जीवन में जब भ्रम, असमंजस या चुनौतियाँ सामने आती हैं, तब इसके विचार हमें अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों पर ध्यान केंद्रित करने की प्रेरणा देते हैं। भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन के संवाद के माध्यम से यह समझाया गया है कि मनुष्य को अपने कर्म पूरे समर्पण से करने चाहिए, लेकिन उनके फल की चिंता में नहीं उलझना चाहिए।
इस पुस्तक से मैंने जो सबसे महत्वपूर्ण सीख प्राप्त की, वह यह है कि हमें अपना धर्म और कर्तव्य निभाना चाहिए, बिना किसी प्रतिफल की अपेक्षा किए। गीता यह भी बताती है कि शरीर नश्वर है, जबकि आत्मा शाश्वत है। इसलिए जीवन में होने वाले परिवर्तन, हानि या कठिनाइयों को स्वीकार करना और अपने नियंत्रण से बाहर की परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखना आवश्यक है।
पढ़ते समय यह महसूस होता है कि गीता केवल आध्यात्मिक ज्ञान नहीं देती, बल्कि मन को स्थिर और शांत रखने की कला भी सिखाती है। यह हमें सिखाती है कि सफलता और असफलता दोनों में संतुलन बनाए रखना चाहिए और अपने जीवन को उच्च मूल्यों तथा सदाचार के आधार पर जीना चाहिए।
मेरे लिए श्रीमद्भगवद्गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को समझने, अपने कर्तव्यों को पहचानने और मानसिक शांति के साथ आगे बढ़ने का एक कालजयी मार्गदर्शक है। इसकी शिक्षाएँ जितनी प्राचीन हैं, उतनी ही आज के समय में भी प्रासंगिक और प्रेरणादायक महसूस होती हैं।
मुझे सबसे अधिक यह बात प्रभावित करती है कि गीता केवल धार्मिक उपदेश नहीं देती, बल्कि यह सिखाती है कि कठिन परिस्थितियों में सही निर्णय कैसे लिया जाए। जीवन में जब भ्रम, असमंजस या चुनौतियाँ सामने आती हैं, तब इसके विचार हमें अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों पर ध्यान केंद्रित करने की प्रेरणा देते हैं। भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन के संवाद के माध्यम से यह समझाया गया है कि मनुष्य को अपने कर्म पूरे समर्पण से करने चाहिए, लेकिन उनके फल की चिंता में नहीं उलझना चाहिए।
इस पुस्तक से मैंने जो सबसे महत्वपूर्ण सीख प्राप्त की, वह यह है कि हमें अपना धर्म और कर्तव्य निभाना चाहिए, बिना किसी प्रतिफल की अपेक्षा किए। गीता यह भी बताती है कि शरीर नश्वर है, जबकि आत्मा शाश्वत है। इसलिए जीवन में होने वाले परिवर्तन, हानि या कठिनाइयों को स्वीकार करना और अपने नियंत्रण से बाहर की परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखना आवश्यक है।
पढ़ते समय यह महसूस होता है कि गीता केवल आध्यात्मिक ज्ञान नहीं देती, बल्कि मन को स्थिर और शांत रखने की कला भी सिखाती है। यह हमें सिखाती है कि सफलता और असफलता दोनों में संतुलन बनाए रखना चाहिए और अपने जीवन को उच्च मूल्यों तथा सदाचार के आधार पर जीना चाहिए।
मेरे लिए श्रीमद्भगवद्गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को समझने, अपने कर्तव्यों को पहचानने और मानसिक शांति के साथ आगे बढ़ने का एक कालजयी मार्गदर्शक है। इसकी शिक्षाएँ जितनी प्राचीन हैं, उतनी ही आज के समय में भी प्रासंगिक और प्रेरणादायक महसूस होती हैं।
July 7, 2021
पठनीय
This entire review has been hidden because of spoilers.
February 25, 2018
Now I want to read bhagwad geeta again
Now I want to read bhagwad geeta again. This is in simple language and easily understandable. A must read for self improvement.
Now I want to read bhagwad geeta again. This is in simple language and easily understandable. A must read for self improvement.
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