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Ganesh Puran (Gujarati)

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The Ganesha Purana is a Sanskrit text that deals with the Hindu deity Ganesha. It is an upapurāṇa that includes mythology, cosmogony, genealogy, metaphors, yoga, theology and philosophy relating to Ganesha.

179 pages, Kindle Edition

Published January 1, 2015

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Vinay Bhojraj Dwivedi

47 books7 followers

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Displaying 1 - 3 of 3 reviews
Profile Image for Gautam Mandal.
2 reviews
July 29, 2025
गणेश पुराण एक महत्वपूर्ण धर्म ग्रंथ है जो मेरे सबसे प्रिय मित्र ने मुझे भेंट में दी थी !
गणेश पुराण एक महत्त्वपूर्ण हिन्दू धर्मग्रंथ है जो भगवान गणेश के जीवन, कार्यों, लीलाओं और महात्म्य का विस्तृत वर्णन करता है। इसे उपपुराणों में गिना जाता है और इसकी रचना संस्कृत में हुई

🕉️ गणेश पुराण
1. उपासनाखण्ड (Upāsanā Khaṇḍa)

यह खंड मुख्यतः भगवान गणेश की पूजा-पद्धति, व्रत, उपासना विधियाँ, मंत्र, स्तोत्र, महिमा और भक्तों की कथाओं से संबंधित है।
*गणेश जी के विविध रूप (एकदंत, महोदर, गजमुख आदि)
गणेश जन्म की कथा – कैसे शिव-पार्वती के पुत्र के रूप में उत्पन्न हुए।
गणेश जी का सिर काटने और गजमुख (हाथीमुख) बनने की कथा।
गणेश जी द्वारा शिव, विष्णु और ब्रह्मा को भी दर्शन देने की कथा।
गणेश उपासना के फल – रोग मुक्ति, ज्ञान प्राप्ति, सफलता, सिद्धियाँ।
गणेश चतुर्थी व्रत का महात्म्य और विधि।
विभिन्न गणेश स्तोत्र जैसे गणपति अथर्वशीर्ष, संकटनाशन स्तोत्र आदि का उल्लेख।

2. क्रीड़ाखण्ड (Kṛīḍā Khaṇḍa)

यह भाग भगवान गणेश के अद्भुत लीलाओं, विभिन्न जन्मों और अवतारों का वर्णन करता है।

गणेश के आठ प्रमुख अवतार – जैसे विनायक, धूम्रकेतु, मयूरेश्वर आदि।
पृथ्वी पर राक्षसों का वध करने हेतु गणेश जी के अवतारों की कथाएँ।
गणेश जी द्वारा अनेक दैत्यों का संहार – जैसे सिंधु, गजमुखासुर आदि।
मयूरेश्वर अवतार में गणेश जी द्वारा मयूर वाहन पर आरूढ़ होकर युद्ध करना।
स्वर्ग, पृथ्वी और पाताल लोकों में गणेश जी की प्रतिष्ठा।
साधना और योग के माध्यम से आत्मा की मुक्ति में गणेश की भूमिका।

📜 विशेषताएँ:

गणेश पुराण न केवल धार्मिक ग्रंथ है, बल्कि इसमें तंत्र, योग, भक्ति, दर्शन, और नैतिक शिक्षा का भी समावेश है।
यह बताता है कि केवल शिव-पार्वती पुत्र के रूप में नहीं, बल्कि परम तत्व (परब्रह्म) के रूप में गणेश को जाना जाए।
यह पुराण इस बात पर बल देता है कि सभी कार्यों के आरंभ में गणेश की उपासना अनिवार्य है।

भक्तों को गणेश भक्ति के मार्ग पर प्रेरित करना।
जीवन की कठिनाइयों से निपटने में आस्था, भक्ति और साधना की शक्ति को दर्शाना।
गणेश को केवल विघ्नहर्ता ही नहीं, अपितु ब्रह्मज्ञान के प्रदाता के रूप में प्रतिष्ठित करना
गणेश पुराण न केवल भगवान गणेश के धार्मिक पक्ष को प्रस्तुत करता है, बल्कि यह आत्मा की शुद्धि, जीवन के उद्देश्य और मोक्ष की प्राप्ति का भी मार्गदर्शन करता है। यह पुराण यह सिखाता है कि गणेश भक्ति के माध्यम से मनुष्य जीवन की समस्त बाधाओं को पार करके परम लक्ष्य – आत्म साक्षात्कार – प्राप्त कर सकता है!
धन्यवाद मेरे मित्र
1,686 reviews21 followers
March 15, 2020
Interesting bit about Ganesh telling Brahma to make the universe and the one part about the king that had leprosy and Ganesh was like bro deal with it. Probably not the whole thing.
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