उसने खिलजियों का सर्वनाश किया। उसने अपने पिता की हत्या करके उसका राज्य और धन हड़प लिये। उसने अपने अमीरों की खाल खिंचवा ली तथा उनमें भूसा भरकर पूरे हिन्दुस्तान में घुमाया। उसने अपने सिपहसलारों का मांस चावल के साथ रांधकर उसके परिवार वालों को खाने के लिये भिजवाया। उसने उलेमाओं को कठोर दण्ड दिये और काजियों पर कोड़े बरसाये। जब वो अपनी राजधानी दिल्ली से देवगिरी ले गया तो अपने साथ दिल्ली के लूले-लंगड़े और अंधे भिखारियों तथा कुत्ते-बिल्लियों को भी पकड़कर ले गया। उनमें से तो बहुत से रास्ते में ही मर गये। उसने कुछ अच्छे काम भी किये किंतु उसका दुर्भाग्य उससे दो कदम आगे चलता था। इसलिये उसे किसी अच्छे काम का श्रेय नहीं मिला। पढ़िये इस पागल बादशाह का वास्तविक और निष्पक्ष इतिहास इस पुस्तक में।