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165 pages, Kindle Edition
युवकों के प्रेम में द्विग्नता होती है, वृद्धों का प्रेम हृदय-वदारक होता है। युवक जिससे प्रेम करता है, उससे प्रेम की आशा भी रखता है । अगर उसे प्रेम के बदले प्रेम न मिले, तो वह प्रेम को हृदय से निकालकर फेंक देगा । वृद्धजनों की भी क्या यही आशा होती है ? वे प्रेम करते हैं और जानते हैं क इसके बदले में उन्हें कुछ न मिलेगा। या मिलेगी तो दया।