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Arthashastra - 2: अयोग्य भावी पीढ़ी वर्तमान के विज्ञान को भविष्य का अंध-विश्वास बना देती है !

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The Best Seller Books of Author 'Why Do I Hate Democracy?' 'Arthashastra 2.0' 'एक टापू की कहानी' 'व्यंग्य - कल मैंने सत्यनारायण जी की कथा सुना ' ************************************************ अर्थशास्त्र-2 एक ऐसे नवयुवक की कथा है जिसे प्रकृति ने चयनित किया है नए युग के आरंभ के लिए । परन्तु पहले उसे स्वयं को सिद्ध करना होगा कि वह इस कार्य के लिए योग्य है । उसे एक लक्ष्य दिया गया है भारत को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ देश के रूप में पुनः प्रतिष्ठित करने के लिए । यह कार्य उसे कैसे करना है इसका निर्णय उसे स्वयं करना है । प्राचीन ज्ञान के रक्षक उसे निर्णय लेने में मात्र सहयोग कर सकते हैं । रक्षक – जो, स्वयं को बाहरी दुनिया से छुपाए हुए, पाँच सहस्त्र वर्षों से प्राचीन ज्ञान की रक्षा करते हुए संसार में ज्ञान का प्रकाश फैलाए हुए हैं । धर्म, न्याय, समानता, ज्ञान, धन, शक्ति और प्रकृति इन सातों क

265 pages, Kindle Edition

Published June 11, 2017

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